टेलीग्राम पर बिक रही निजता: 200–300 रुपये में कपल्स के प्राइवेट वीडियो, दलाल सक्रिय
डिजिटल युग जहां सुविधाओं का विस्तार लेकर आया है, वहीं यह आम लोगों की निजता के लिए गंभीर खतरा भी बनता जा रहा है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव के बीच अब एक नया और खतरनाक ट्रेंड सामने आया है—कपल्स के प्राइवेट और इंटीमेट वीडियो की अवैध खरीद-फरोख्त। मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के पर्यटन स्थल खजुराहो से जुड़ा यह मामला सामने आने के बाद चिंता और बढ़ गई है, जहां टेलीग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर 200 से 300 रुपये में निजी वीडियो बेचे जा रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, टेलीग्राम पर अलग-अलग ग्रुप और लिंक के जरिए कपल्स के निजी पलों के वीडियो और तस्वीरें साझा की जा रही हैं। इन वीडियो में न सिर्फ वयस्क कपल्स, बल्कि नाबालिगों और विभिन्न आयु वर्ग की महिलाओं की आपत्तिजनक सामग्री भी शामिल होने की बात सामने आई है। खजुराहो जैसे पर्यटन क्षेत्र में विदेशी सैलानियों की आवाजाही अधिक होने के कारण यह अवैध गतिविधि तेजी से फैल रही है। कई मामलों में पीड़ितों को यह तक पता नहीं होता कि उनके निजी पल चोरी-छिपे रिकॉर्ड कर लिए गए हैं।
हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वायरल वीडियो के बाद ऐसे आपत्तिजनक लिंक की बाढ़ आ गई। भले ही उस वीडियो को प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया हो, लेकिन इससे यह साफ हो गया कि ऐसे कई वीडियो पहले से ही टेलीग्राम जैसे मैसेजिंग ऐप्स पर मौजूद हैं। दलाल लोकेशन और उम्र के हिसाब से लिंक भेजते हैं और क्यूआर कोड के जरिए पेमेंट लेकर सामग्री उपलब्ध कराते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि टेलीग्राम पर पहचान छुपाकर इस तरह के अपराध को अंजाम देना आसान हो गया है, क्योंकि यहां भेजने वाले की जानकारी स्पष्ट नहीं होती। साइबर एक्सपर्ट्स ने लोगों को सावधान करते हुए कहा है कि किसी भी थर्ड पार्टी ऐप को अनावश्यक परमिशन न दें, मोबाइल रिपेयर के दौरान स्टोरेज को सुरक्षित रखें और यह समझें कि डिलीट करने के बाद भी डेटा लीक होने का खतरा बना रहता है।
यह मामला न सिर्फ साइबर सुरक्षा, बल्कि कानून-व्यवस्था और सामाजिक नैतिकता से भी जुड़ा है। विशेषज्ञों और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे प्लेटफॉर्म पर सख्त निगरानी रखी जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो, ताकि आम लोगों की निजता और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।