एनकाउंटर से सुर्खियों में आई महिला दरोगा रिश्वत लेते पकड़ी गई, 45 हजार रुपये घूस लेते एंटी करप्शन ने दबोचा
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार भले ही भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाने का दावा करती हो, लेकिन गाजियाबाद में पुलिसकर्मियों की रिश्वतखोरी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। ताजा मामला साहिबाबाद थाना क्षेत्र का है, जहां एक महिला दरोगा को 45 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए एंटी करप्शन टीम ने रंगेहाथ गिरफ्तार किया है।
पकड़ी गई महिला दरोगा की पहचान भुवनेश्वरी सिंह के रूप में हुई है, जो साहिबाबाद थाने की रिपोर्टिंग पुलिस चौकी में तैनात थीं। कार्रवाई के दौरान उनके पास से रिश्वत की पूरी रकम बरामद की गई। एंटी करप्शन टीम द्वारा पकड़े जाने के दौरान महिला दरोगा ने दुपट्टे से अपना चेहरा ढंक लिया।
एफआईआर से नाम हटाने के बदले मांगी थी घूस
पीड़ित रामपाल सैनी, निवासी वृंदावन, साहिबाबाद ने बताया कि दहेज से जुड़े एक मामले में उनके परिवार के खिलाफ दर्ज एफआईआर से नाम हटाने के लिए महिला दरोगा द्वारा रिश्वत की मांग की जा रही थी। रामपाल के अनुसार, वह मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं और पुलिस कार्रवाई के नाम पर लगातार उन्हें थाने बुलाकर डराया जा रहा था।
रामपाल सैनी ने बताया कि महिला दरोगा ने पूरे परिवार को मामले में फंसाने की धमकी दी थी। इसके बाद उन्होंने मेरठ स्थित एंटी करप्शन विभाग में शिकायत दर्ज कराई। तय योजना के तहत शुक्रवार को उन्होंने महिला दरोगा को 45 हजार रुपये दिए, इसी दौरान एंटी करप्शन टीम ने मौके पर पहुंचकर उसे गिरफ्तार कर लिया।
परिवार को फंसाने की दी थी धमकी
पीड़ित के अनुसार, उनके बेटे की शादी वर्ष 2024 में हुई थी, जिसके बाद बहू मायके चली गई और परिवार के खिलाफ दहेज का मुकदमा दर्ज कराया गया। इसी मामले में महिला दरोगा ने बेटे के नाम एफआईआर होने और पूरे परिवार के नाम जोड़ने की धमकी देकर रिश्वत मांगी थी।
गौरतलब है कि महिला दरोगा भुवनेश्वरी सिंह इससे पहले 23 सितंबर 2025 को एक बदमाश के एनकाउंटर के बाद चर्चा में आई थीं। अब रिश्वत लेते पकड़े जाने के बाद एक बार फिर वह सुर्खियों में हैं।
फिलहाल एंटी करप्शन टीम ने आरोपी महिला दरोगा के खिलाफ विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है और मामले की आगे की जांच जारी है।