एक वीडियो…और टूट गई जिंदगी! नमो भारत ट्रेन मामले में छात्रा ने किया आत्महत्या का प्रयास, वायरल फुटेज से मचा हड़कंप
गाजियाबाद में नमो भारत रैपिड ट्रेन से जुड़े वायरल वीडियो मामले ने एक छात्रा की जिंदगी को गहरे संकट में डाल दिया। सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक वीडियो वायरल होने के बाद मानसिक तनाव से जूझ रही छात्रा ने आत्महत्या का प्रयास किया। समय पर इलाज मिलने से उसकी जान बच गई, लेकिन हालत को देखते हुए परिजनों ने उसे सुरक्षा और मानसिक शांति के लिए दूसरे शहर में रिश्तेदारों के यहां भेज दिया है। छात्रा गाजियाबाद की रहने वाली है और मेरठ रोड स्थित एक संस्थान से बीसीए की पढ़ाई कर रही है। वीडियो में दिख रहा युवक भी गाजियाबाद के एक कॉलेज से बीटेक का छात्र बताया जा रहा है। दोनों एक ही समुदाय से हैं और उनके घरों के बीच महज कुछ किलोमीटर की दूरी है।
मामले में मुरादनगर थाने में रैपिड ट्रेन के प्रीमियम कोच में आपत्तिजनक हरकत करने वाले युवक और युवती के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। इसके साथ ही वीडियो रिकॉर्ड कर उसे वायरल करने के आरोपी ट्रेन ऑपरेटर पर भी गंभीर धाराओं में केस दर्ज हुआ है। रेलवे प्रबंधन ने नियमों के उल्लंघन को गंभीरता से लेते हुए आरोपी ऑपरेटर को तत्काल नौकरी से बर्खास्त कर दिया है।
वीडियो सामने आने के बाद छात्रा और उसके परिवार को भारी सामाजिक दबाव का सामना करना पड़ा। परिवार के एक सदस्य ने बताया कि बदनामी के डर से वे सार्वजनिक रूप से कुछ भी कहने से बच रहे हैं। हालात इतने खराब हो गए कि लोगों की नजरें घर तक पहुंचने लगीं, जिससे परिवार को खुद को घर में बंद कर रखना पड़ा।
नमो भारत (डीबीआरआरटीएस) के सिक्योरिटी चीफ दुष्यंत कुमार की शिकायत पर जांच शुरू हुई थी। जांच में सामने आया कि 24 नवंबर की शाम दुहाई से मुरादनगर जा रही ट्रेन के प्रीमियम कोच में आपत्तिजनक गतिविधि हुई थी। बाद में पता चला कि ऑपरेटर ने केबिन में नियमों के खिलाफ मोबाइल फोन का इस्तेमाल किया और उसी के जरिए वीडियो बनाया गया, जो बाद में वायरल हुआ। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की हर पहलू से जांच कर रही है। यह घटना एक बार फिर सोशल मीडिया पर वायरल कंटेंट और निजता के हनन से होने वाले गंभीर मानसिक और सामाजिक दुष्परिणामों की ओर इशारा करती है।