लखनऊ में मेडिकल लापरवाही का दर्दनाक मामला, गलत इलाज से युवक बना अपाहिज
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां सड़क हादसे में मामूली रूप से घायल हुए एक युवक की जिंदगी कथित मेडिकल लापरवाही के कारण पूरी तरह बदल गई। गोमतीनगर विस्तार इलाके के रहने वाले 35 वर्षीय नीरज मिश्रा आज चलने-फिरने में असमर्थ हैं और व्हीलचेयर पर जिंदगी गुजारने को मजबूर हो गए हैं।
तीन साल पहले बैटरी रिक्शा पलटने की घटना में नीरज घायल हुए थे। इलाज के लिए उन्हें एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां ऑपरेशन के बाद उन्हें जल्द ठीक होने का भरोसा दिलाया गया। लेकिन कथित तौर पर गलत सर्जरी और लापरवाही के चलते उनके पैर में गंभीर संक्रमण फैल गया। हालात ऐसे बिगड़े कि उन्हें अलग-अलग अस्पतालों में कुल 9 से 10 बार ऑपरेशन कराने पड़े, लेकिन पैर को बचाया नहीं जा सका।
इलाज के नाम पर परिवार की सारी जमा-पूंजी खर्च हो गई और नीरज पर करीब 21 लाख रुपये का कर्ज चढ़ गया। आज परिवार का पेट पालने के लिए वे सब्जी की दुकान चला रहे हैं, जबकि रोजाना कर्जदार उनके घर तक पहुंच रहे हैं। सरकार की ओर से उन्हें 5 लाख रुपये की सहायता मिली, लेकिन अब भी करीब 10 लाख रुपये का बोझ बना हुआ है।
नीरज ने डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक से लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक कई बार शिकायतें भेजीं, लेकिन लंबी अवधि तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
वहीं, अस्पताल प्रबंधन ने सभी आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि नीरज के इलाज में कोई लापरवाही नहीं हुई और जांच में अस्पताल को क्लीन चिट मिल चुकी है।
यह मामला एक बार फिर निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली और मरीजों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करता है।