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CM योगी का बड़ा फैसला: UP में किराया एग्रीमेंट और पैतृक संपत्ति बंटवारा हुआ आसान व सस्ता, लाखों लोगों को राहत
Shiva Azad / 07-01-2026

CM योगी का बड़ा फैसला: UP में किराया एग्रीमेंट और पैतृक संपत्ति बंटवारा हुआ आसान व सस्ता, लाखों लोगों को राहत

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने आम जनता को बड़ी राहत देते हुए किराएदारों, मकान मालिकों और पारिवारिक संपत्ति विवाद से जूझ रहे लोगों के लिए अहम फैसले लिए हैं। सरकार ने किराया एग्रीमेंट के रजिस्ट्रेशन और पैतृक संपत्ति के बंटवारे से जुड़े नियमों को न सिर्फ सरल बनाया है, बल्कि इन पर लगने वाले खर्च में भी भारी कटौती कर दी है। सरकार का कहना है कि इन फैसलों से लोगों का समय, पैसा और मेहनत बचेगी, साथ ही लंबे समय से चले आ रहे विवादों में भी कमी आएगी।


किराया एग्रीमेंट रजिस्ट्रेशन अब सस्ता और आसान

अब तक रेंट एग्रीमेंट का रजिस्ट्रेशन महंगा होने के कारण अधिकतर लोग कच्चे या अनरजिस्टर्ड समझौते पर ही निर्भर रहते थे, जो आगे चलकर विवाद का कारण बनते थे। इस समस्या को देखते हुए योगी सरकार ने किराया एग्रीमेंट पर लगने वाली स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन फीस में लगभग 90 प्रतिशत तक की कटौती कर दी है।
नई व्यवस्था में किराये की अवधि और सालाना किराये के आधार पर बहुत कम शुल्क तय किया गया है, जिससे आम लोग भी आसानी से अपना रेंट एग्रीमेंट रजिस्टर करा सकेंगे।


मकान मालिक और किराएदार दोनों को फायदा

रजिस्टर्ड किराया एग्रीमेंट होने से मकान मालिक को किराये की सुरक्षा मिलेगी और किराएदार को मनमानी किराया बढ़ोतरी या जबरन मकान खाली कराने जैसी परेशानियों से राहत मिलेगी। सरकार का मानना है कि इससे किराये से जुड़े विवाद कम होंगे और अदालतों पर बोझ भी घटेगा।

पैतृक संपत्ति के बंटवारे में ऐतिहासिक राहत

योगी सरकार ने पैतृक संपत्ति के बंटवारे की प्रक्रिया को भी बेहद सरल और सस्ता बना दिया है। अब पैतृक संपत्ति का कानूनी बंटवारा मात्र 10 हजार रुपये में कराया जा सकेगा, जिसमें 5 हजार रुपये स्टांप ड्यूटी और 5 हजार रुपये निबंधन शुल्क शामिल होंगे। पहले यही प्रक्रिया हजारों से लेकर लाखों रुपये तक खर्चीली होती थी।


किन संपत्तियों पर लागू होंगे नए नियम

यह सुविधा केवल पैतृक अचल संपत्ति पर लागू होगी, जिसमें कृषि भूमि, आवासीय मकान और व्यावसायिक संपत्तियां शामिल हैं। बंटवारा उत्तराधिकार कानून के तहत तय हिस्से के अनुसार ही किया जाएगा और यह व्यवस्था तीन पीढ़ियों तक की पैतृक संपत्ति पर लागू होगी।


विवाद कम करने की दिशा में बड़ा कदम

उत्तर प्रदेश में जमीन और संपत्ति से जुड़े विवाद लंबे समय से बड़ी समस्या रहे हैं। सरकार का मानना है कि सस्ती और आसान कानूनी प्रक्रिया से लोग समय रहते संपत्ति का बंटवारा करा सकेंगे, जिससे पारिवारिक झगड़े और अदालतों के चक्कर कम होंगे। योगी सरकार इसे “Ease of Doing Living” की दिशा में बड़ा कदम बता रही है, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और कानून व्यवस्था मजबूत होगी।