कुलदीप सेंगर और बृजभूषण सिंह निर्दोष हैं— WFI अध्यक्ष संजय सिंह बबलू का बड़ा दावा, पहलवानों के आरोपों पर खुलकर बोले
गोंडा (उत्तर प्रदेश): भारतीय कुश्ती संघ (WFI) के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय सिंह ‘बबलू’ ने पहलवानों से जुड़े विवादों को लेकर बड़ा और विवादित बयान दिया है। एक दिवसीय दौरे पर गोंडा पहुंचे संजय सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा कि कुलदीप सेंगर और बृजभूषण शरण सिंह दोनों निर्दोष हैं और सच्चाई समय के साथ सामने आ जाएगी।
नवाबगंज पहुंचने पर संजय सिंह ने नंदिनी गौ माता का आशीर्वाद लिया और भारतीय जनता पार्टी के सांसद करण भूषण सिंह से मुलाकात की। इसके बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने कुश्ती विवाद, पहलवानों के आरोप और भविष्य की तैयारियों पर विस्तार से अपनी बात रखी।
कुलदीप सेंगर को बताया निर्दोष
संजय सिंह ने कुलदीप सेंगर मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है और जब तक कोर्ट का फैसला नहीं आता, तब तक किसी को दोषी ठहराना गलत है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कुलदीप सेंगर निर्दोष हैं।
बृजभूषण सिंह पर लगे आरोपों पर टिप्पणी
पहलवान विनेश फोगाट द्वारा लगाए गए आरोपों पर संजय सिंह ने कहा कि विनेश फोगाट अब सक्रिय पहलवान नहीं हैं और उनकी कुश्ती समाप्त हो चुकी है। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले में कुछ समय इंतजार करना चाहिए, क्योंकि आने वाले महीनों में सच्चाई सामने आ जाएगी। उन्होंने दावा किया कि इस विवाद में सिर्फ चार पहलवानों ने आरोप लगाए थे।
बजरंग पुनिया को बताया प्रतिबंधित
बजरंग पुनिया पर बोलते हुए WFI अध्यक्ष ने कहा कि वह प्रतिबंधित पहलवान हैं और अब उनका कुश्ती से कोई संबंध नहीं है। संजय सिंह ने आरोप लगाया कि कुछ लोग कुश्ती छोड़कर राजनीति में जाना चाहते हैं। उन्होंने कहा,
“अगर राजनीति करनी है तो खुलकर कीजिए, लेकिन कुश्ती में राजनीति मत घुसाइए।”
विनेश फोगाट की वापसी पर क्या बोले
विनेश फोगाट की संभावित वापसी के सवाल पर संजय सिंह ने कहा कि यदि वह कुश्ती में लौटना चाहें तो उनका स्वागत है और हर संभव सहयोग किया जाएगा, लेकिन यह सब WFI के नियमों के तहत होगा। उन्होंने बताया कि चयन ट्रायल के लिए नियम है कि खिलाड़ी ने संबंधित वर्ष में किसी राष्ट्रीय प्रतियोगिता में पदक जीता हो, जबकि विनेश फोगाट ने 2024 और 2025 में किसी राष्ट्रीय प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं लिया है।
ओलंपिक में पांच पदकों का लक्ष्य
संजय सिंह ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कुश्ती महासंघ (UWW), भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) और भारत सरकार उन्हें WFI अध्यक्ष मानती है। उन्होंने कहा कि किसी एक व्यक्ति के न मानने से कोई फर्क नहीं पड़ता। उन्होंने दावा किया कि लंबे समय बाद भारतीय कुश्ती फिर से पटरी पर लौट आई है और अगले ओलंपिक में पांच पदक जीतने का लक्ष्य रखा गया है।
पहलवानों की तैयारी के लिए बड़े कदम
उन्होंने बताया कि खिलाड़ियों के लिए 285 दिनों का विशेष प्रशिक्षण शिविर लगाया जा रहा है। विदेशी कोचों की नियुक्ति हो चुकी है, साथ ही न्यूट्रिशनिस्ट, स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग कोच और खिलाड़ियों को मानसिक रूप से मजबूत करने के लिए साइकोलॉजिस्ट भी तैनात किए गए हैं।
संजय सिंह के इस बयान के बाद एक बार फिर कुश्ती विवाद ने राजनीतिक और खेल जगत में नई बहस छेड़ दी है।