प्रयागराज: संगम नगरी प्रयागराज में शनिवार को पौष पूर्णिमा के पावन स्नान पर्व के साथ माघ मेला 2026 का विधिवत आगाज हो गया। कड़ाके की ठंड के बावजूद श्रद्धालुओं में स्नान को लेकर भारी उत्साह देखने को मिला। पहले स्नान पर्व को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्थाओं के पुख्ता इंतजाम किए हैं।

हिंदू पंचांग के अनुसार माघ मास को अत्यंत पवित्र और पुण्यदायी माना जाता है। इस माह में गंगा, यमुना और सरस्वती के संगम में स्नान, दान और जप-तप करने से विशेष आध्यात्मिक फल की प्राप्ति होती है। इसी आस्था के चलते हर वर्ष प्रयागराज में भव्य माघ मेले का आयोजन किया जाता है, जिसकी शुरुआत आज पौष पूर्णिमा स्नान से हुई।

सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद
माघ मेले को लेकर पुलिस और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। डीसीपी सिटी मनीष कुमार शांडिल्य के निर्देश पर कई पुलिस टीमों का गठन किया गया है। रेलवे स्टेशन, बस अड्डे, होटल और रेस्टोरेंट में सघन चेकिंग की जा रही है। मेला क्षेत्र के सभी प्रवेश बिंदुओं पर पुलिस बल तैनात है।

इसके साथ ही शहर में लगे करीब 1100 सीसीटीवी कैमरे और माघ मेला क्षेत्र में 400 से अधिक कैमरों के जरिए निगरानी की जा रही है। ड्रोन कैमरों और एआई युक्त तकनीक से भीड़ और यातायात प्रबंधन किया जा रहा है। प्रशासन का दावा है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर कोई भी लापरवाही नहीं बरती जा रही।

माघ मेले के प्रमुख स्नान पर्व की तारीखें
माघ मेला 2026 के दौरान कुल छह प्रमुख स्नान पर्व होंगे, जिनमें लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है—
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पौष पूर्णिमा: 3 जनवरी 2026
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मकर संक्रांति: 14 जनवरी 2026
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मौनी अमावस्या: 18 जनवरी 2026
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बसंत पंचमी: 23 जनवरी 2026
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माघी पूर्णिमा: 1 फरवरी 2026
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महाशिवरात्रि: 15 फरवरी 2026
प्रशासन और मेला प्रबंधन को उम्मीद है कि माघ मेला 2026 आस्था, सुरक्षा और सुव्यवस्था का एक आदर्श उदाहरण बनेगा।
