नोटिस देने गई टीम को रिटायर्ड दरोगा के घर बनाया गया बंधक, तीन दरोगा घायल
आगरा। उत्तर प्रदेश के आगरा जिले के थाना मलपुरा क्षेत्र स्थित गांव अजीजपुर में रविवार दोपहर कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाली सनसनीखेज घटना सामने आई। गांव में एक मामले में नोटिस तामील कराने पहुंची पुलिस टीम को रिटायर्ड दरोगा और उसके परिजनों ने घर के अंदर बंद कर दिया और उनके साथ मारपीट की।
घटना उस समय हुई जब पुलिस एक पुराने विवाद के मामले में आरोपियों को कानूनी नोटिस देने पहुंची थी। जानकारी के मुताबिक, अजीजपुर निवासी श्रीराम आर्य वर्ष 2022 में मैनपुरी से दरोगा पद से सेवानिवृत्त हुआ है। उसके बेटों सोनू आर्य और दीपक आर्य के खिलाफ गांव के ही एक युवक द्वारा मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का मुकदमा दर्ज कराया गया था।
नोटिस देने पहुंची पुलिस टीम पर भड़के आरोपी
रविवार दोपहर करीब डेढ़ बजे एसआई कपिल शर्मा, एसआई अनीता कश्यप, एसआई सलोनी चौहान, हेड कांस्टेबल साधना यादव और सिपाही वीरेश कुमार नोटिस देने श्रीराम आर्य के घर पहुंचे। आरोप है कि पुलिस को देखते ही परिवार के लोग उग्र हो गए। दोनों आरोपी बेटों को मौके से भगा दिया गया और पुलिस टीम को कमरे में बंद कर दिया गया।
पुलिसकर्मियों के बाहर निकलने का प्रयास करने पर उनके साथ हाथापाई की गई और जान से मारने की धमकी दी गई। बाहर शोर सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन किसी ने अंदर जाने की हिम्मत नहीं की।
भारी पुलिस बल ने छुड़ाया बंधक बनाया गया स्टाफ
घटना की सूचना मिलने पर थाना प्रभारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पड़ोसी के घर से होते हुए पुलिस अंदर दाखिल हुई और करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद पुलिस टीम को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
मारपीट में एसआई कपिल शर्मा, एसआई अनीता कश्यप और एसआई सलोनी चौहान को चोटें आई हैं, जिन्हें उपचार के लिए भेजा गया।
रिटायर्ड दरोगा सहित चार गिरफ्तार, दो बेटे फरार
पुलिस ने मामले में रिटायर्ड दरोगा श्रीराम आर्य, उसकी बेटियों ममता और सुमन तथा बेटे संजय को गिरफ्तार कर लिया है। एक बेटी सीमा की तलाश जारी है। वहीं मुख्य आरोपी सोनू और दीपक मौके से फरार हो गए, जिनकी गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।
पहले भी दर्ज हो चुकी हैं शिकायतें
ग्रामीणों का कहना है कि रिटायर्ड दरोगा के बेटों के खिलाफ पहले भी कई बार शिकायतें की जा चुकी हैं। पीड़ित युवक ने आरोप लगाया कि आरोपी उसे झूठे मुकदमों में फंसाने और पुलिसिया रौब दिखाकर डराने की धमकी देते थे।
पुलिस का कहना है कि सभी आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और मामले की जांच जारी है।