उन्नाव रेप केस: कुलदीप सेंगर को झटका, सुप्रीम कोर्ट ने जमानत पर लगाई रोक, जेल में ही रहेंगे
उन्नाव रेप केस में आजीवन कारावास की सजा काट रहे पूर्व भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा दी गई जमानत और सजा निलंबन के आदेश पर शीर्ष अदालत ने रोक लगा दी है। इसके साथ ही यह साफ हो गया है कि फिलहाल कुलदीप सेंगर जेल से बाहर नहीं आ पाएंगे।
सीबीआई की याचिका पर सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस सूर्या कांत, जस्टिस जे.के. महेश्वरी और जस्टिस ए.जी. मसीह की पीठ ने मामले को अत्यंत गंभीर करार दिया। सीबीआई की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने दलील दी कि यह एक “बेहद भयावह मामला” है, जिसमें पीड़िता घटना के समय मात्र 15 वर्ष की थी। उन्होंने बताया कि ट्रायल कोर्ट ने आईपीसी और पोक्सो एक्ट के तहत दोषसिद्धि करते हुए सेंगर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।
सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि कानून के मुताबिक यह अपराध बलात्कार का गंभीर स्वरूप है, जिसमें कठोर सजा का प्रावधान है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि न्याय व्यवस्था 15 साल की पीड़िता के प्रति जवाबदेह है। सीबीआई ने यह भी रेखांकित किया कि कुलदीप सेंगर पीड़िता के पिता की हिरासत में मौत के मामले में भी दोषी ठहराए जा चुके हैं और उस मामले में भी वह सजा काट रहे हैं।
वहीं बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ वकीलों ने दलील दी कि सेंगर पहले ही लगभग 10 साल जेल में बिता चुके हैं और आरोपों की कानूनी व्याख्या को लेकर सवाल उठाए। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने माना कि मौजूदा परिस्थितियां सामान्य मामलों से अलग हैं।
अपने लिखित आदेश में कोर्ट ने कहा कि आमतौर पर जमानत के आदेश पर बिना आरोपी को सुने रोक नहीं लगाई जाती, लेकिन इस मामले में विशेष परिस्थितियां हैं। सेंगर पहले से ही दूसरे मामले में सजा काट रहे हैं, ऐसे में हाईकोर्ट के जमानत और सजा निलंबन के आदेश पर रोक लगाई जाती है।
इस फैसले के बाद साफ है कि उन्नाव रेप केस में कुलदीप सेंगर फिलहाल जेल में ही रहेंगे और मामले की आगे की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में जारी रहेगी।