प्यार में लांघी सरहद, पाकिस्तान की जेल में कटी एक साल की सजा; अब भारत लौटेगा अलीगढ़ का बादल बाबू
उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले से सामने आई यह कहानी प्यार, धोखे और सरहद के बीच फंसी एक ज़िंदगी की है। बरला थाना क्षेत्र के खिटकारी गांव का रहने वाला बादल बाबू सोशल मीडिया पर हुई दोस्ती को प्यार समझ बैठा और उसी के भरोसे भारत-पाकिस्तान की सीमा लांघ गया। सितंबर 2024 में अवैध रूप से पाकिस्तान में घुसते ही उसे पाकिस्तानी रेंजर्स ने गिरफ्तार कर लिया। वीजा या वैध दस्तावेज न होने के कारण उसे जेल भेज दिया गया, जहां उसने करीब एक साल की सजा काटी।
बताया जा रहा है कि बादल बाबू सोशल मीडिया के जरिए एक पाकिस्तानी लड़की के संपर्क में आया था। दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और शादी तक की बातें होने लगीं। इसी जुनून में वह चोरी-छिपे सीमा पार कर पाकिस्तान पहुंच गया, लेकिन वहां पहुंचते ही हालात पलट गए। जिस लड़की के लिए उसने सब कुछ दांव पर लगाया, उसी ने उसकी गिरफ्तारी के बाद न सिर्फ शादी से बल्कि पहचान से भी इनकार कर दिया।
इस बीच भारत में बैठे बादल के पिता कृपाल सिंह ने बेटे को वापस लाने के लिए कोशिशें तेज कर दीं। दिल्ली के एक परिचित के जरिए कराची के वरिष्ठ अधिवक्ता फियाज रामे से संपर्क किया गया। फियाज रामे ने बिना किसी निजी लाभ के, अपनी जेब से खर्च उठाकर बादल का केस लड़ा। उन्होंने पाकिस्तानी अदालत में यह साबित किया कि बादल कोई जासूस नहीं, बल्कि प्यार में बहका एक आम युवक है। इसी आधार पर अदालत ने उसे एक साल की सजा सुनाई और बाद में समयपूर्व रिहाई का रास्ता साफ हुआ।
अब एक साल बाद पाकिस्तान सरकार ने बादल बाबू को भारत डिपोर्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। बेटे की वापसी की खबर से परिवार में खुशी का माहौल है। गांव में मिठाइयां बांटी गई हैं और मां की आंखों में लंबे इंतजार के बाद खुशी के आंसू हैं। वहीं, वायरल वीडियो में बादल ने जेल में बिताए दिनों और टूटे प्यार का दर्द साझा किया है।